
पत्थलगांव। जशपुर जिले के लिए चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। पत्थलगांव स्थित श्री एजी हॉस्पिटल में पहली बार यूआरएसएल (URSL – Ureteroscopic Lithotripsy) तकनीक से पथरी का सफल ऑपरेशन किया गया। यह अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी 19 जुलाई 2026 को मूत्र एवं गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी एवं उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह जशपुर जिले में इस तकनीक से किया गया पहला सफल ऑपरेशन है।
डॉ. शिल्पी ने बताया कि यूआरएसएल (Ureteroscopic Lithotripsy) एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव (Minimal Invasive) प्रक्रिया है, जिसमें शरीर पर किसी प्रकार का चीरा या टांका नहीं लगाया जाता। इस प्रक्रिया में मूत्रमार्ग के रास्ते एक अत्यंत पतली दूरबीन (यूरेटेरोस्कोप) को मूत्राशय होते हुए मूत्रवाहिनी तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद लेजर तकनीक की सहायता से पथरी को बारीक टुकड़ों में तोड़कर बाहर निकाल दिया जाता है या शेष कण प्राकृतिक रूप से मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक मुख्य रूप से 7 से 15 मिलीमीटर तक की उन पथरियों के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है, जो दवाओं से बाहर नहीं निकलतीं और मूत्रवाहिनी में फंस जाती हैं। आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन के बाद मरीज के मूत्र मार्ग को खुला रखने के लिए अस्थायी रूप से स्टेंट भी लगाया जाता है, जिसे कुछ सप्ताह बाद निकाल दिया जाता है।
अस्पताल संचालक टिकेश्वर यादव ने बताया कि इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से अब जशपुर जिले के मरीजों को इस प्रकार की सर्जरी के लिए रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक उपचार उपलब्ध होने से मरीजों को समय, खर्च और परेशानी—तीनों से राहत मिलेगी।

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