पत्थलगांव : सुनहरी रोशनी से नहाए पंडाल में श्रीराम कथा मर्मज्ञ प्रेम भूषण महाराज के कृपापात्र कथाचार्य राजन जी महाराज ने गुरुवार को श्रीराम-भरत मिलाप का हृदय विदारक दृश्य का वर्णन किया तो श्रोता भाव विभोर हो उठे।

पत्थलगांव के मैरिज गार्डन मैदान पर चल रही श्रीराम कथा के आठवे दिन गुरुवार को कथाचार्य राजन जी महाराज ने संगीतमयी श्रीराम कथा के माध्यम से श्रीराम चरित मानस के श्रीराम वनागमन प्रसंग का वर्णन कर श्रद्धालुओं को कष्ट के दौर में खुशी के पल को तलाशने की जद्दोजहद को बताने का भी सफल प्रयास किया।

भरत-निषाद मिलन और भरत के प्रयाग एवं चित्रकूट का प्रसंगों का वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कथाचार्य ने कहा कि पिता की आज्ञा का पालन अनुचित व उचित मानकर नहीं करना चाहिए। पिता की आज्ञा ही सर्वोपरी होती है। भगवान श्रीराम ने भी अपने पिता महाराजा दशरथ की आज्ञा को बगैर उचित अनुचित सोचे उसका पालन किया। श्रीराम के गुणों का बखान कर कथाचार्य ने कहा कि हमे जीवनभर राम नाम का जाप करना चाहिए। श्रीराम कथा हमे जीवन जीने की कला सिखाती है।

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