
जशपुर/ आज दिनांक 29.05.26 को जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के द्वारा पुलिस रेगुलेशन के नियम 221(अ) में प्रदत्त शक्तियों के तहत, अपने कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच आरक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच के उपरांत अंतिम आदेश पारित किया गया। जिसमें से तीन आरक्षक क्रमशःआरक्षक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा को बार बार लंबे समय से गैर हाज़िर रहने के आदि पाए जाने पर “सेवा से पृथक” तथा आर.47 इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से एवं आर.144 बिंदेश्वर राम को आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से दंडित किया गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि लंबी अवधि तक अनाधिकृत रूप से गैर हाज़िर रहकर कर्तव्य के प्रति स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही एवं अनुशासन हीनता का प्रदर्शन करते हुए, बार बार सेवा का अवसर प्रदाय करने के बावजूद, छ ग पुलिस रेगुलेशन 64(2) व छ ग सिविल सेवा (आचरण)1965 के नियम 3 के उप नियम 1(एक),(दो)(तीन) का उल्लंघन करने पर जशपुर जिले के पांच पुलिस आरक्षकों क्रमशः संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा, अशोक कुमार एक्का, इरीमियस कुजूर व बिंदेश्वर राम के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी।
1. अपचारी आरक्षक 737 संतोष कुमार राम की सेवा पुस्तिका का अवलोकन करने पर उसके द्वारा अपनी 13 वर्ष की सेवा में 33 बार अलग अलग समय में कुल 469 दिन तक गैर हाज़िर रह कर स्वेच्छाचारिता व अनुशासन हीनता का प्रदर्शन किया गया था, पूरे सेवाकाल में उसे कुल 09 इनाम मिले थे जबकि 23 सजा मिली थी, जिसमें 03 सजा वेतन वृद्धि में रोक असंचयी रूप से व 1 सजा वेतन वृद्धि में रोक संचयी रूप से थी। उक्त आरक्षक के द्वारा बार बार अवसर प्रदाय करने के बावजूद, अपने कर्तव्य के प्रति उदासीनता प्रदर्शित की जा रही थी, वर्तमान में वर्ष 2023-24 तक कुल 106 दिवस की लंबी गैर हाज़िर हेतु विभागीय जांच संस्थित की गई थी, जांच उपरांत उसे “सेवा से पृथक” के दंड से दंडित किया गया है।
2. अपचारी आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा, के द्वारा अपनी 17 वर्ष की सेवा में, अलग अलग समय में कुल 28 बार में 923 दिवस गैर हाज़िर रहा गया है, सेवा के द्वारा उसे 27 सजा दी गई है, जिसमें 16 निंदा व 11 बड़ी सजा शामिल है, बार बार अवसर प्रदाय करने के बावजूद अपनी गलतियों को दोहराने पर उसके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी, जांच के दौरान बार बार नोटिस देने पर भी, उक्त आरक्षक के द्वारा जांच हेतु उपस्थित नहीं हो रहा था। इसे भी सेवा से पृथक के दण्ड से दंडित किया गया है।
3. अपचारी आरक्षक 394 अशोक कुमार एक्का के द्वारा अपनी 20 वर्ष की सेवा में अलग अलग समय में कुल 30 बार में 1151 दीवस तक ग़ैर हाजिर रहा गया है। पूरे सेवा काल में उसे 07 इनाम व 19 निंदा की सजा,06 बार एक वर्ष की वेतन वृद्धि पर रोक असंचयी रूप से तथा 02 बार संचयी रूप से की सजा मिल चुकी है, बार बार अवसर मिलने के बावजूद अपने आचरण में सुधार नहीं करने पर, उसे “सेवा से पृथक” की सजा दी गई है।
4. अपचारी आरक्षक 47 इरीमियस कुजूर के द्वारा भी 17 वर्ष के सेवा में अलग अलग अवधि में कुल 139 दिवस अनाधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से गैर हाज़िर रहा गया है, पूरे सेवा काल में उसे 29 इनाम व 02छोटी व 02 बड़ी सजा मिली है, सेवा पुस्तिका के अवलोकन के पश्चात, विभागीय जांच उपरांत, उसे” एक वेतन वृद्धि की राशि की कमी संचयी प्रभाव से के दंड से”दंडित किया गया है”।
5. अपचारी आरक्षक 144 बिंदेश्वर राम के द्वारा अपनी 18 वर्ष की सेवा में अलग अलग अवधि में कुल 216 दिवस गैर हाज़िर रहा गया है, तथा सेवा काल में कुल 14 इनाम व 06 छोटी सजा मिली है, सेवा पुस्तिका के अवलोकन तथा विभागिय जांच के उपरांत उसे”आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा” के दंड से दंडित किया गया है। मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारीयो के द्वारा अनुशासन हीनता, उदासीनता स्वेच्छाचारिता कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी। एैसे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी

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