पत्थलगांव/ पत्थलगांव में श्री राम कथा के चौथे दिन विश्वविख्यात कथा वाचक राजन जी महाराज द्वारा राम जी के बाल रूप की कथा का बखूबी चित्रण रूप को कथा में बताया किया ।जहां श्री राम कथा का मैरिज गार्डन कथा पंडाल में हजारों लोगों ने बड़े ही भावपूर्ण ढंग से कथा का रसपान किया । विश्वविख्यात कथा वाचक राजन महाराज जी के द्वारा कहा गया कि अपने श्रेष्ठ को देखने के बाद अपनी गति रुक जाती है यही जीवन का असली मूल मंत्र है ।हमें दान ऐसा करना चाहिए जो पता ही ना चले हमें दान ऐसा नहीं करना चाहिए की दाम कम फोटो सेसन ज्यादा हो ऐसा दान व्यर्थ दान होता है वहीं उन्होंने आगे श्रोताओं को बताते हुए कहा कि धर्म के चार पद होते हैं सत्य, तप, दया और दान यह कर धर्म के चार पद होते हैं हमें इसका अनुसरण करना चाहिए।

हमें हमेशा शत्रु के नाश के लिए मौन रहना चाहिए शत्रु के सामने मौन रहने से शत्रु का नाश स्वयं ही हो जाता है ।मौन ही शत्रु के नास का कारण होता है ।

कथा मे विश्वविख्यात कथा वाचक राजन जी महाराज द्वारा भोजपुरी भाषा में बड़े ही सुंदर भजन राजाजी खजनवा दे दो का रसपान कराया जिसमें श्रोताओं ने जमकर नाचते गाते हुए आनंद लिया। आज की कथा में काफी संख्या में श्रोता पहुंचे श्री राम कथा के आयोजक बाबा हरिदास भक्त मण्डल के सुरेश अग्रवाल के द्वारा श्री राम कथा के लिए भव्य पंडाल की व्यवस्था कर श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रोता श्री राम कथा की गंगा में डुबकी लगा अपने आप को पुण्य के भागी समझ रहे हैं वही पूरा श्री राम कथा स्थल राम के नाम से राम मय हो चुका है ।

कथा के पांचवें दिन
श्री राम कथा में राम सीता विवाह व शिव धनुष तोड़ने का प्रसंग का वर्णन बताया जावेगा।श्री राम कथा के आरती के पश्चात प्रसाद का वितरण किया जा रहा है जहां श्रोता प्रसाद ग्रहण का अपने आप को कृतार्थ महसूस कर रहे हैं ।श्री राम कथा स्थल पर प्रयागराज अग्रवाल ,जग्गी अग्रवाल , विकास अग्रवाल, मनीष अग्रवाल मनोज अग्रवाल, बिट्टू ,कल्लू अग्रवाल, मुकेश ,श्याम लाल अग्रवाल, शशि अग्रवाल लुडेग सभी श्री राम कथा स्थल पर अपनी दिन रात सेवा में जुटे हुए हैं।

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