जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय की गरिमामयी उपस्थिति में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेखरपुर में शाला प्रवेश उत्सव संपन्न

जशपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेखरपुर में शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय शामिल हुए। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीणजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक और प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री घनश्याम देहरी, शाला समिति अध्यक्ष योगेंद्र नायक, जनपद सदस्य कौशल्या चौहान, ग्राम पंचायत शेखरपुर की सरपंच हेमंती पैंकरा, भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भूषण वैष्णव, जितेंद्र देहरी, हीरा साय, परमा पैंकरा, चेतन जी, बालेश्वर चक्रेश, विद्यालय के प्राचार्य अनिल तिग्गा, शिक्षकगण संजय यादव, रवि शंकर निरज, राजू एक्का, शशिकला केरकेट्टा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत गीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उपस्थित अतिथिगण अभिभूत हुए। गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों को खूबसूरती से मंच पर प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि श्री सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा”राज्य सरकार शिक्षा को केवल एक सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि समाज के विकास की आधारशिला मानती है। विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, बेहतर शिक्षक और संसाधन उसे उपलब्ध हों और वह अपने जीवन में आगे बढ़ सके।”उन्होंने विद्यालय की वर्तमान व्यवस्थाओं, शिक्षकों के प्रयासों और बच्चों के शैक्षणिक स्तर की सराहना की। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि विद्यालय को आगे भी आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी।

शिक्षा के प्रति सामूहिक जागरूकता और सहभागिता का संदेश
इस कार्यक्रम ने जहाँ बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया, वहीं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

pradip
प्रदीप सिंग ठाकुर संपादक

About आशुतोष गुप्ता पत्थलगांव

Check Also

जहां कभी बंदूक थी, वहां बंधा रिश्तों का धागा…

बस्तर में राखी ने बदली ‘दुश्मनी’ की परिभाषा 25 साल नक्सली संगठन में रहीं मीना …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *