जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार टीबी मुक्त भारत अभियान का संचालन किया जा रहा है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन तथा जिला क्षय उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ. विकास चंद्राकर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन में जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र में स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों को टीबी के कारण, लक्षण, बचाव, जांच एवं उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसी तरह शिशु संस्कार पब्लिक स्कूल एवं वीरेंद्र दीपक स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को टीबी बीमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। उन्हें टीबी के प्रमुख लक्षणों, संक्रमण से बचाव, समय पर जांच तथा नियमित एवं पूर्ण उपचार के महत्व के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान एवं नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना एवं भूख कम लगना जैसे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में टीबी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने तथा टीबी मरीजों के प्रति भेदभाव न करने की अपील की गई। साथ ही उपस्थित लोगों एवं विद्यार्थियों को टीबी की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
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