उर्वरकों के अवैध परिवहन पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

तमनार में 52 बोरी डीएपी खाद जब्त

वाहन सहित खाद की खेप जब्त, गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने

स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर कृषि सेवा केंद्र के उर्वरक विक्रय पर रोक

रायपुर, 

उर्वरकों के अवैध परिवहन पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अवैध परिवहन के खिलाफ व्यापक स्तर पर ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की जा रही है। कई निजी कृषि केंद्रों पर छापामार कार्रवाई कर अवैध उर्वरक बैग जब्त किए गए। कई फर्मों के लाइसेंस निलंबित और गोदाम सील किए गए हैं।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त निगरानी कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा उर्वरक विक्रेताओं एवं परिवहन गतिविधियों की नियमित जांच की जा रही है।

बाराद्वार से तमनार लाई जा रही थी खाद की खेप

        इसी क्रम में रायगढ़ जिले के विकासखंड तमनार में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सक्ती जिले के बाराद्वार से तमनार के भालूमुड़ा तक ले जाई जा रही 52 बोरी डीएपी खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहन क्रमांक सीजी-11-एबी-3152 को भी कब्जे में लिया गया। जब्त वाहन को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए थाना तमनार में रखा गया है, जबकि जब्त उर्वरक को सेवा सहकारी समिति तमनार में सुरक्षित रखा गया है।

उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन की आशंका

        प्रारंभिक जांच में अन्य जिले से सीधे कृषक के पास उर्वरक का भंडारण किया जाना उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के विपरीत प्रतीत हुआ है। इसके अलावा जब्त डीएपी खाद की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है। कृषि विभाग द्वारा उर्वरक के नमूने लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्टॉक में अनियमितता मिलने पर विक्रय प्रतिबंध

       जांच के दौरान तमनार के झींकाबहाल स्थित प्रतीक कृषि सेवा केंद्र में भौतिक स्टॉक और पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। अनियमितता सामने आने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से केंद्र के उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है।

किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी

       कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन शुरू होने से अब तक जिले में उर्वरक जब्ती के 4 प्रकरण और विक्रय प्रतिबंध के 20 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। विभाग किसानों को सही गुणवत्ता की खाद निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई कर रहा है।

पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें खाद और बीज

       कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक केवल अधिकृत और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीदारी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम कृषि कार्यालय को सूचित करें।

पारदर्शी व्यवस्था और किसानों के हित सर्वाेपरि

        जिला प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने तथा अवैध उर्वरक कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। यह पहल किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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