
कोतबा, जशपुर। पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, कोतबा में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले एक समाचार प्रकाशित हुआ, फिर उसका खंडन जारी किया गया और बाद में स्वयं प्राचार्य को स्पष्टीकरण जारी कर अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। अब इस पूरे मामले में अभिभावक प्रतिनिधियों ने भी खुलकर अपना पक्ष सामने रखा है।
अभिभावकों और संबंधित पक्ष का कहना है कि शासकीय कन्या हाई स्कूल, कोतबा में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान कई अभिभावकों से मोबाइल फोन के माध्यम से भी चर्चा की गई थी। इसके बाद सर्वसम्मति से पीतांबर साय पैंकरा को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया था।
दूसरी ओर, विद्यालय प्रशासन की ओर से पहले जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस दावे को भ्रामक बताया गया था। हालांकि, बाद में प्राचार्य जे.के. सिदार ने अपना पक्ष रखते हुए स्वीकार किया कि समाचार पढ़ते समय उन्हें तथ्यात्मक भ्रम हो गया था।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि पीतांबर साय पैंकरा पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नहीं हैं, बल्कि शासकीय कन्या हाई स्कूल, कोतबा की विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी भ्रम के कारण प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई थी।
इधर, अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बिना पूरी जानकारी के जारी किए गए खंडन से आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने मांग की है कि विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन से जुड़े सभी दस्तावेज और बैठक की कार्यवाही सार्वजनिक की जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
अभिभावकों का कहना है कि यदि लगातार भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जाती रहीं तो वे न्यायालय और प्रशासनिक अधिकारियों की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।

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