ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण
रायपुर,
बस्तर मुन्ने अभियान एवं सुशासन तिहार के प्रथम दिवस कांकेर जिला प्रशासन ने सुदूरवर्ती एवं पूर्व में अतिसंवेदनशील रहे ग्राम कंदाड़ी तक पहुंचा और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के इस सरहदी गांव में कोटरी नदी पार कर चौपाल लगाई और मौके पर ही कई मांगों के निराकरण के निर्देश दिए।
आम के पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर आयोजित चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि बस्तर मुन्ने, सुशासन तिहार एवं नियद नेल्लानार योजना 2.0 के तहत कोयलीबेड़ा विकासखंड को शामिल करते हुए 31 शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत कंदाड़ी की सरपंच श्रीमती मैनी कचलामी ने आधार, जन्म प्रमाण पत्र एवं राशन कार्ड में त्रुटियों के कारण योजनाओं से वंचित रहने की समस्या बताई। साथ ही पेयजल संकट के समाधान हेतु बोर खनन की मांग की, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सीसी रोड, स्कूल बाउंड्रीवाल, किचन शेड एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए भी सहमति दी गई। इस दौरान श्री मंडावी ने ग्राम आलदंड में 11.69 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। इसके पश्चात् महाराष्ट्र सीमावर्ती ग्राम ओरछागांव (गोपालपुर) में आयोजित शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों की मांग पर बिजली, पेयजल एवं सड़क संबंधी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
publiccg Chhattisgarh NEWS